स्वप्नदोष का इलाज

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होम्योपैथी में स्वप्नदोष को स्पर्मेटोरिया (Spermatoairhoea) कहा जाता है और इसे धातु-दौर्बल्य के रूप में बहुमत से स्वीकार किया जाता है ।

स्वप्नदोष में निम्नलिखित होमियोपैथिक औषधोपचार हितकर माने जाते हैं –

वेलिस पेरेमिस Q – इस औषध को 5-5 बूंद की मात्रा में दिन में दो बार सेवन करना चाहिए । हस्तमैथुन के कारण उत्पन्न स्वप्नदोष की यह सर्वोतम औषधी मानी जाती है ।

थूजा Q – इस औषध को 5-5 बूंद की मात्रा में दिन में दो बार सेवन करना चाहिए । अधिक शुक्र-क्षय होने की यह सर्वोत्तम औषध है।

लाइकोपोडियम 200 – अत्यधिक कमजोर करने वाले स्वप्नदोष की यह श्रेष्ठ औषध है । अत्यधिक वीर्य स्राव, जननेन्द्रिय का ठण्डा, शिथिल एवं छोटा हो जाना, ध्वज-भंग, कलेजे की धड़कन, अजीर्ण, कब्ज तथा पेट फूलना आदि विकारों को दूर करती है ।

बैराइटा कार्ब 6 – रात के समय होने वाले स्वप्नदोष की यह सर्वोत्तम औषध है ।

एसिड फास 3x, 30 – अधिक स्त्री सहवास अथवा हस्तमैथुन के कारण उत्पन्न स्मरण-शक्ति की कमी, स्वप्नदोष एवं शारीरिक दुर्बलता में यह लाभकारी है ।

कालीब्रोम 30 – रात्रि में अश्लील स्वप्नों का दिखना तथा स्वप्नदोष हो जाने के बाद भी रात-भर लिंग में उत्तेजना बनी रहना इन दोषों में हितकर है ।

केलेडियम 3, 30 – कामोत्तेजना हुए बिना ही स्वप्नदोष में वीर्य का स्खलित हो जाना, अधिक मैथुन के उपद्रव, स्त्रियों की योनि में खाज तथा अधिक बच्चे जनने के बाद के उपद्रवों में हितकर है ।

एसेट ए 30, 200 – स्वप्नदोष के बाद अत्यधिक दुर्बलता का अनुभव, मल त्याग के समय वीर्यस्राव होना, कामोत्तेजना होने पर भी लिंग का ढीला बने रहना – इन लक्षणों पर उपयोगी है ।

जेल्सिमियम 30 – दुर्बलता के कारण होने वाले स्वप्नदोष में यह औषध बहुत लाभ करती है । आँखों का भीतर की ओर धस जाना, चेहरे पर पीलापन तथा अण्डशूल के लक्षणों में इसका प्रयोग करें ।

कोनियम 30, 200 – कामवासना के दमन के कारण होने वाले उपद्रव, स्वप्नदोष के पश्चात् अत्यधिक कामोत्तेजना, स्वप्नदोष के उपरान्त लिंगदण्ड में फोड़ा, किसी स्त्री को देखते ही अत्यधिक कामोत्तेजित हो उठना आदि लक्षणों में भी लाभकारी है ।

आरममेट 30 – रात में बार-बार स्वप्नदोष का होना, प्रोस्टेट रस का स्राव, लिंग में ढीलापन तथा ठण्डापन आदि लक्षणों में यह औषध अधिक लाभ करती है ।

हेमामेलिस 30 – रात्रि में अश्लील स्वप्न आने के बाद वीर्यपात हो जाना, तदुपरान्त अत्यधिक कमजोरी आने के लक्षणों में ।

डायस्कोरिया 30, 200 – कामुकता के स्वप्न आकर वीर्य स्खलित हो जाना, उत्तेजना, चिड़चिड़ापन, सुस्ती तथा अण्डकोषों तक फैल जाने वाले पीठ के दर्द आदि लक्षणों में दें ।

ऐग्नस कैक्टस 6 – काम-प्रवृत्ति में प्रबलता रहने पर भी जननेन्द्रिय की दुर्बलता, मन तथा शरीर में सुस्ती, अनमनापन, कमजोरी आदि लक्षणों में ।

कैन्थरिस 6, 30 – स्वप्नदोष होने के बाद सम्पूर्ण शरीर में जलन होना तथा रात भर नींद न आना अथवा स्वप्नदोष के बाद 1-2 घण्टे तक सर्दी लगना और फिर रातं भर न सो पाना, स्वप्नदोष पश्चात् 1-2 घण्टे तक दृष्टि का धुंधला पड़ जाना अत्यधिक कामोत्तेजना, स्त्री कामांग का स्पर्श करने की अत्यधिक लालसा, सूजाक के कारण शुक्रस्राव, पेशाब के साथ बूंद-बूंद करके धातु का जाना आदि लक्षणों में इस औषध का सेवन बहुत लाभ करता है ।

कैल्के कार्ब 6 – मैथुन करने की अत्यधिक लालसा, परन्तु लिंग में कड़ापन आये बिना ही शीघ्र वीर्यपात हो जाना, सम्पूर्ण शरीर में दर्द तथा कमजोरी के लक्षणों में इसका सेवन करें ।

आर्जेण्टम मेट 6, 30 – हस्तमैथुन के दुष्परिणाम स्वरूप उत्पन्न हुए स्वप्नदोष में लाभकारी है ।

चायना Q, 6, 30 – अधिक स्त्री प्रसंग के उपद्रव में जननेन्द्रिय में अस्वाभाविक उत्तेजना, कान में भौ -भौ की आवाज होना, चेहरे का लाल हो जाना तथा सिर में चक्कर आना आदि लक्षणों में हितकारी है ।

सैवाडिल्ला 30 – स्वप्नदोष के पश्चात् पाँवों में भारी कमजोरी आना तथा लिंग के ढीलेपन में उपयोगी है ।

फास्फोरस 6, 30 – मैथुन के समय अति शीघ्र वीर्य-स्खलन, रति-शक्ति में कमी, कमजोरी, अधिक शुक्र-क्षय, हस्तमैथुन के कारण लिंग में कड़ापन न आना तथा कलेजे का धड़कना आदि उपसर्गों में हितकर है ।

कैनाबिस सैट 30, 200 – अत्यधिक एवं बारम्बार कामोत्तेजना तथा मूत्रमार्ग में चुभन एवं गढ़न के लक्षणों में लाभकारी है ।

ऐगारिकस 30, 200 – जननेद्रिय के बाह्य-भाग पर खुजली, आलिंगन के बाद अत्यधिक दुर्बलता का आना, अधिक मैथुन के उपद्रव तथा स्त्रियों के कामोन्माद में हितकर है ।

बार्बेरिस 3, 30 – स्त्रियों में कामवासाना के दमन के कारण होने वाले-उपद्रव, शुक्र-रज्जु का शोथ, अण्डों पर दबाव, अण्डकोष का सिकुड़ना या ठण्डा रहना तथा शीघ्रपतन आदि लक्षणों में।

काफिया 30 – कामांग की अत्यधिक उत्तेजना पर ।

आस्टेरियस रूब्र 3, 30 – मैथुन करने के बाद भी कामवासना का शान्त न होना तथा इसी कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन, रात में बारम्बार उतेजित होना तथा स्वप्नदोष हो जाना आदि लक्षणों पर हितकर है ।

ओथरमकर 30, 200 – अनजाने में वीर्य तथा प्रोस्टेट-रस के बहते रहने पर लाभकारी है ।

कोनियम 30 – कामांग की अत्यधिक उत्तेजना पर लाभप्रद है।

सिना 3x, 200 – कृमि जनित स्वप्नदोष के उपद्रवों में ।

ट्रेब्युलस टेरेस्ट्मि Q – यह औषण वीर्यशोधन तथा वीर्य-रोगों में हितकर है । मूत्रावरोध, मूत्र-पथरी, हस्तमैथुन-जनित दोष, स्वप्नदोष, सम्भोग-शक्ति की कमी में भी हितकर है । इस औषध का रोगी भी मूत्र के वेग को रोक नहीं पाता है ।

स्टेनम 30 – हस्तमैथुन या अत्यधिक सहवास द्वारा वीर्य-क्षय के बाद स्वप्नदोष, बोलने पर वक्ष (सीने) की कमजोरी का अनुभव ।

आस्टिलैगो 30 – एक रात में कई-कई बार वीर्यस्राव, फिर भी कामेच्छा बने रहना, हस्तमैथुन की तीव्र इच्छा बने रहना ।

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13 COMMENTS

    • You should write about yourself. Your nature like anger, fear, your height,age, colour etc. You may start taking medicine with sulpher 200 at an interval of 7 days, Antim crud 30 daily and Acid Phos 30 daily.

  1. You should try Lycopodium 200 at 7 days interval and then Acid phos 30 thrice a day and Nux Vom 30 at bed time. May god bless you. If you write details of yourself and your disease then again medicine will be recommended.

  2. sir namste. meri age 30sal hai hieght5.4inch hai rang gahoaa hai mai unmarride hu mujhe lagbhag 10 sal se nightfall ho raha hai (meri eyes under dhas gaya hai)jiske karn mai dusaro se aankh nahi mila pata bahoot sarmindgi hoti hai.
    bal bhi safed ho gaya hai bahoot kamjori rahta hai pair and kamar me bahoot pain rahta aankho ke samne kabhi kabhi andhera ho jata hai chakar bhi aata hai chalne me saas phulta hai gussaa bhi bahoot aata hai paseena bhi bahoot jald aata hai.(bachpane me maine bhi galtiyaa ki hai). (mai apni jindgi se bahoot hatas ho gaya ho ).please give me parfect salloution sir mujhe email per best medecine bataye jisse mai thik ho saku.( aapki badi kripa hogi )please doctor sahab meri help kijiye

  3. Sir stafisigria 30 ek month se le raha hu air acid phos Qbhi lekin kuch aaram nahi hai ek week me kabhi ek bar to kabhi chaar baar Bhi ho jata hai please help me sir

  4. sir i am taking stafisigria &acid phos Q daily for a month but no efect mere baal &much ki baal safed ho rahe hai aur eyes bhi under ho gaya hai please suggetion me

  5. sir 20 days hone wale h apke kahe mutabik maine 20 days me staphisagria 200 one drop on tong in morning and evening le chuka hu sir ab aap bataiye ab kaise use krna hai ise

  6. sir aapke batayeanusar asid phos and stafisagriya lete huye 15din ho gaye hai lekin response nahi mil raha hai maine aapke suggetion se pahle two month asid phosq aur stafisigria30le chuka hu lekin aaram nahi mila mere bal bahut jyada safed ho raha aur jhar bhi raha hai aur aakhe bhi kale v under ho raha hai aur eske karan mera body bhi develope nahi ho paya hai .kya mai pure tarikese thik ho sakta hu doctor sahab please tell me suggetion kripya doctor sahab mujhe eske baare me vistaar se bataye please tell me about because i m depend on you . ho sake to please aap self no jaroor hamare mail par de taki apne baare me vistaar se aap se bata saku.very thanks doctor sahab

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