हाइड्रोसील (  अण्डकोष में पानी ) का होम्योपैथिक इलाज – हाइड्रोसील मेडिसिन

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Hydrocele Treatment In Homeopathy In Hindi

(1) खासकर बच्चों के ( जन्मजात भी ) हाइड्रोसील का रोग, धीरे-धीरे रोग वृद्धि : पल्सेटिला 30 या 200

(2) खासकर बाएं हाइड्रोसील का रोग, जन्मजात, आंधी-तूफान में रोग वृद्धि : रोडोडेन्ड्रन 30 या 200

(3) जब हाइड्रोसील बढ़ता ही जाये। डंक मारने जैसा दर्द हो : एपिस मेल 30 या 200

(4) फोड़े-फुंसी के दब ने के बाद रोग : एब्रोटेनम 6 या 30

(5) फोड़े-फुंसी दबा देने के कारण, खासकर ठंडी प्रकृति के रोगियों में : कैल्केरिया कार्ब 200 या 1M

(6) जब हाइड्रोसील का रोग ज्यादा भार उठाने से हुआ हो : रस टॉक्स 30 या 200

(7) जब त्वचा पर दाने ( फोड़े-फुंसी ) दब जाने के कारण रोग हुआ हो : हैलेबोरस 30 या 200

(8) चोट, रगड़ आदि के कारण रोग हो : आर्निका 30 या 200

(9) लड़कपन के दौरान। रोगी ठंडी प्रकृति का हो : साइलीशिया 200

(10) छोटे बच्चों में। कब्ज भी रहता हो : ग्रैफाइटिस 30 या 200

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    • Don’t be dis hearten. Every thing is possible in this world if you try patiently. you write to us your problem as we want for facilitating in the direction of selection of medicine to be beneficial for you. For this either you try to write us in detail (ie details of your disease, your ht. your colour your age,effect of coldness and heat, hurydness, fear, anger,sensitivity etc. or try to meet the doctor at Patna. For immediate relief you may try Pulsetila 30 in morning, Rhododendran 30 in evening and Nux Vomica 30 at bed time daily . May God bless you.

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