बिवाई का होम्योपैथिक इलाज [ Chilblains Treatment In Homeopathy In Hindi ]

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Chilblains Treatment In Homeopathy In Hindi

ठंड आदि के कारण पैर की एड़ियों में दरारें-सी हो जाती हैं जो समय के साथ-साथ बढ़ती जाती हैं । इनमें दर्द, जलन, कभी-कभी खून भी आ जाना, चलने में कष्ट होना आदि लक्षण प्रकट होते हैं ।

किसी किसी का सर्दी से अंग फट जाते हैं जिसे बिवाई कहा जाता है। बिवाई में त्वचा ठण्ड लगने से फट जाती है। मुंह, हाथ, पैर आदि में ठण्ड के कारण सूजन आ जाती है, त्वचा फट जाती है, जलन और खुजली होती है।

इस लेख में हम बिवाई को ठीक करने की होम्योपैथिक दवा के बारे में जानेंगे।

Agaricus 200 – ठण्ड के कारण चिलब्लेन या बिवाई में यह सबसे अच्छी दवा है । यह सर्द सर्दी में होने वाला रोग है । रोगी के कान, नाक, अंगूठे, अंगुलियाँ – शरीर का कोई भी अंग इस रोग से प्रभावित हो सकता है। त्वचा लाल हो जाती है, जलन और खुजली होती है, ऐसा लगता है कि त्वचा का वह हिस्सा जम गया है। किसी भी रोग में ये लक्षण हों तो यह दवा लाभ करती है ।

Agaricus 200 शक्ति रोजाना एक बार लें इससे लाभ हो जाता है।

Petroleum 200 – त्वचा फट जाए, खून तक निकलने लगे, उंगलियां फट जाए, खुरदरी त्वचा हो जाये, तब इसे दिया जाता है। ऐग्ज़ीमा की भी यह बेहतरीन दवा है – ऐसा ऐग्ज़ीमा जो सर्दी में प्रकट हो और गर्मी में गायब हो जाए ।

Phosphorus 30 – अगर जरा-सी भी ठण्ड के झोंके या सम्पर्क से यह शिकायत प्रकट होने लगे, तो Phosphorus 30 की एक मात्रा देने से ही रोग गायब हो जाता है ।

Rhus tox 30 – अगर रोग का स्थान गहरा लाल हो, बहुत खुजली हो, तो इसे दो ।

अगर लड़कियों को मासिक देर में होने के कारण इस रोग की ‘प्रवृत्ति’ हो, तो Pulsatilla 30 कुछ दिन तक देना चाहिये;

अगर गुलथुल शरीर हो, ग्लैंड्स बढ़े हुए हों – ऐसे व्यक्ति को इस रोग की ‘प्रवृत्ति’ हो, तो Calcarea Carb 30 कुछ दिन तक देना चाहिये

अगर व्यक्ति की त्वचा Irritable हो, तो Sulphur 30 कुछ दिन तक देना चाहिये

अगर रोगी का थाइरॉयड ग्लैंड बढ़ा हुआ हो, भारी भरकम हो, रोगी ठंड सहन न कर सकता हो तो ऐसे रोगी को चिलब्लेन की प्रवृत्ति को रोकने के लिए thyroidinum 3x कुछ दिन तक देकर देखना चाहिये।

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बिवाई का होम्योपैथिक दवा

आर्सेनिक एल्ब 30- बिवाइयों में अत्यधिक जलन होने पर लाभप्रद हैं।

कैमोमिला 30- बिवाइयों में जलन के साथ खुजली भी होने पर यह दवा लाभ करती है ।

पेट्रोलियम 200 – ठण्ड के कारण बिवाई हो जाने पर यही दवा देनी चाहिये, लाभ होगा ।

रसटॉक्स 30– रोग सर्दी के दिनों में ही अपेक्षाकृत अधिक होता हो और नहाने-धोने से बढ़ता हो तो यह दवा लाभ करती है ।

एगरिकस 30- यह बिवाइयों के प्रत्येक लक्षण में उपयोगी है ।

बिवाई एक चिकित्सीय स्थिति है जो बार-बार ठंड, नमी की स्थिति के संपर्क में आने के कारण होती है। यह स्थिति मुख्य रूप से हाथ-पैरों की उंगलियों को प्रभावित करती है। ठंडे मौसम में बिवाई होना अधिक आम है और यह रक्त प्रवाह में कमी और ठंड के प्रति त्वचा की असामान्य प्रतिक्रिया का परिणाम हो सकता है।

बिवाई ( Chilblains ) होने के कारण

बिवाई तब विकसित होता है जब त्वचा ठंडे तापमान के संपर्क में आती है और फिर तेजी से गर्म होती है। इस अचानक तापमान परिवर्तन के कारण त्वचा के नीचे छोटी रक्त वाहिकाएं तेजी से फैल सकती हैं, जिससे वहां सूजन हो सकती है। बिवाई का सटीक कारण पूरी तरह से समझा नहीं गया है, लेकिन कई कारक ऐसे हैं जिनसे ऐसी समस्या हो जाती है।

ठंड के संपर्क में आना : लंबे समय तक ठंड, नमी की स्थिति में रहना बिवाई के लिए ट्रिगर कारक है। यह सर्दियों के महीनों के दौरान या ठंडी जलवायु वाले क्षेत्रों में हो सकता है।

रक्त प्रवाह में कमी : खराब रक्त परिसंचरण वाले व्यक्तियों में बिवाई होने की संभावना अधिक होती है। रेनॉड रोग जैसी स्थितियाँ, जो रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण कर देती हैं, बिवाई के जोखिम को बढ़ा देती हैं।

अपर्याप्त कपड़े: अपर्याप्त या तंग कपड़े पहनना जो ठंड से बचाव नहीं करते, बिवाई के विकास में योगदान कर सकते हैं।

आनुवंशिकी कारक : जिन व्यक्तियों के परिवार में बिवाई रोग का इतिहास रहा है, उनमें इस स्थिति का खतरा अधिक हो सकता है।

बिवाई ( Chilblains ) होने के लक्षण

बिवाई खुजली और सूजन के साथ आमतौर पर त्वचा पर लाल या बैंगनी रंग के धब्बे के रूप में प्रकट होते हैं। अन्य सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

जलन या झुनझुनी : प्रभावित क्षेत्रों में असुविधा, जलन या झुनझुनी संवेदना का अनुभव हो सकता है।

छाले : गंभीर मामलों में, बिवाई के कारण छाले हो सकते हैं, जो खुल सकते हैं और आगे जटिलताओं का कारण बन सकते हैं।

त्वचा का मलिनकिरण : बिवाई बढ़ने पर त्वचा गहरे नीले या काले रंग की हो सकती है।

घाव : चरम मामलों में, प्रभावित त्वचा पर खुले घाव या अल्सर विकसित हो सकते हैं।

इलाज : बिवाई के अधिकांश मामलों को स्व-देखभाल उपायों से प्रबंधित किया जा सकता है। लक्षणों को कम करने और उपचार को बढ़ावा देने के लिए यहां कुछ बातें बताई गई हैं:

यदि आपको बिवाई का संदेह है, तो अचानक गर्मी के संपर्क में आने से बचें। सूजन को कम करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों को धीरे-धीरे गर्म करें।

मलहम : कॉर्टिकोस्टेरॉइड युक्त ओवर-द-काउंटर क्रीम या मलहम लगाने से खुजली और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है।

पैरों और हाथों को सूखा रखें : सुनिश्चित करें कि आपके हाथ और पैर सूखे रहें, खासकर ठंड और नमी की स्थिति में।

सुरक्षात्मक कपड़े : परतों में गर्म कपड़े पहनें, और दस्ताने, मोज़े और अच्छी तरह से इंसुलेटेड जूते से हाथ-पैर की रक्षा करें।

खुजलाने से बचें : हालांकि यह आकर्षक लग सकता है, लेकिन आगे की जलन को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों को खुजलाने से बचें।

चिकित्सीय परामर्श : यदि लक्षण बने रहते हैं या बिगड़ जाते हैं, तो चिकित्सीय सलाह लेना आवश्यक है। एक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर चिकित्सकीय दवाओं या अन्य हस्तक्षेपों की सिफारिश कर सकता है।

बिवाई आम तौर पर एक अस्थायी स्थिति है, और अधिकांश मामले कुछ हफ्तों के भीतर ठीक हो जाते हैं। हालाँकि, बार-बार या गंभीर रूप से ठंड लगने का अनुभव करने वाले व्यक्तियों को अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने और उचित उपचार प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना चाहिए।

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