Gout Treatment In Homeopathy – गठिया

1
1235

इस रोग में रोगी के शरीर के जोड़ों में यूरिक एसिड जम जाता है जिससे जोड़ों में रक्तसंचार ठीक से नहीं हो पाता है जिससे उनमें दर्द रहने लगता कोई भी कार्य कर पाने में असमर्थ होने लगता है । इस रोग का प्रभाव घुटनों पर अधिक होता है। यह रोग अनियमित आहार-विहार, अत्यधिक कारणों से हो जाता है ।

अर्टिका यूरेन्स Q – इस दवा को गुनगुने पानी के साथ देने से यूरिक एसिड शरीर से मूत्र आदि के माध्यम से बाहर निकलने लगता है जिससे रोगी को आराम आने लगता हैं ।

बेंजोइक एसिड 6, 30- इस दवा के सेवन से भी गठिया में लाभ होता | रोगी को अन्य जोड़ों के साथ-साथ छोटे-छोटे जोड़ों और अंगुलियों में दर्द होता है । दर्द शरीर में चक्कर-सा लगाता रहता है । रोगी को की भी कोई तकलीफ हो सकती है ।

एकोनाइट 30– जबकि रोग नया ही हो और साथ में ज्वर भी हो तो इन लक्षणों में देनी चाहिये । पल्सेटिला 30– जोड़ों में वात के कारण दर्द होता हो तो यह दवा बहुत लाभ करती है ।

कोलोफाइलम थैलिक 30– कई स्त्रियों के छोटे-छोटे जोड़ों में दर्द बैठ जाता है। यह वात का दर्द उनके छोटे जोड़ों में वैठने के कारण उन्हें अत्यधिक परेशान करता है। गठिया रोग में जब दर्द चलता-फिरता रहता हो, हर समय अपना स्थान बदल देता हो और अँगुलियाँ सख्त पड़ जाती हों तो यह दवा देनी चाहिये । यदि आवश्यकता महसूस हो तो उच्चशक्ति का प्रयोग किया जा सकता है ।

कोलोसिन्थ 30– इसका चरित्रगत लक्षण है कि दर्द वाले स्थान को दबाने और सेंकने से ददाँ में कमी होती है और इसका दर्द शरीर के बॉयी ओर की लम्बी नसों में अधिक होता है इसीलिये प्रायः चिकित्सक सायटिका आदि लक्षणों को ध्यान में रखकर करने से आशातीत लाभ होता है। इस दवा का प्रयोग 30 से प्रारम्भ करते हुये लक्षणानुसार 200 या 1M शक्ति तक किया जा सकता है ।

Previous articleRheumatic Pain Treatment In Homeopathy – वातजनित वेदना
Next articleParalysis Treatment In Homeopathy – लकवा
जनसाधारण के लिये यह वेबसाइट बहुत फायदेमंद है, क्योंकि डॉ G.P Singh ने अपने दीर्घकालीन अनुभवों को सहज व सरल भाषा शैली में अभिव्यक्त किया है। इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए वेबसाइट निर्माता भी बधाई के पात्र हैं । अगर होमियोपैथी, घरेलू और आयुर्वेदिक इलाज के सभी पोस्ट को रेगुलर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे फेसबुक पेज को अवश्य like करें। Like करने के लिए Facebook Like लिंक पर क्लिक करें। याद रखें जहां Allopathy हो बेअसर वहाँ Homeopathy करे असर।

1 COMMENT

  1. sir meri patni ke kabhi paje jodo par kabhi payro me jo do par kabhi kohni me dard hota hai sir koi dawa batyeee plzzzz

Comments are closed.