गर्दन दर्द के लिए होम्योपैथिक दवा [ Homeopathic Medicine For Neck Pain In Hindi ]

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छोटी-छोटी मांसपेशियों से मिलकर हमारा गर्दन बना होता है। गर्दन की इन मांसपेशियों को सहारा देने के लिए छोटी-छोटी हड्डियां होती है। गर्दन में नसों की संख्या काफी ज्यादा होती है क्योंकि हमारे दिमाग की नसे गर्दन से होती हुई हमारे पूरे शरीर में जाती है। अगर गर्दन के किसी ऑर्गन में कोई समस्या हो जाये जैसे इन्फेक्शन होना, सूजन हो जाना, मांसपेशियों में खिचाव आ जाना तो गले में दर्द होता है। ये दर्द गले में और गले के आस पास होता है।

गले में दर्द के कारण

  1. गले की मांसपेशियों में खिचाव होना। यदि आप ज्यादा देर तक पढ़ते है या कोई भी काम करते हैं तो गर्दन को स्थिर रखना पड़ता है जिससे गले की मांसपेशियों में खिचाव होता है और इसमें दर्द शुरू हो जाता है।
  2. Cervical Spondylosis भी एक प्रमुख और आम कारण है। इससे गले की हड्डी थोड़ी टेढ़ी हो जाती है जिससे गले के आस पास की नसे दबने लगती है और गले में दर्द शुरू हो जाता है। इसमें कभी-कभी चक्कर भी आता है।
  3. अगर सर्वाइकल वाले हिस्से में Slip डिस्क की समस्या हो जाये तो गर्दन की नसे दबने लगती है जिससे नसों में दर्द शुरू हो जाता है।
  4. गला जब कभी अचानक से मुड़ जाता है किसी भी कारण से तो भी गर्दन में दर्द बना रहता है।

गर्दन के दर्द के लक्षण

  1. यदि आपको Cervical Spondylosis की समस्या है तो गर्दन वाले पूरे हिस्से में खिचाव महसूस होगा। इससे चक्कर भी आने लगता है कई बार।
  2. अगर मांसपेशियों में दर्द है तो जिस हिस्से की मांसपेशियों में खिचाव होगा केवल वही तेज दर्द होगा।
  3. गले की अलग-अलग बीमारियों के कारण गले के अलग-अलग हिस्से में दर्द होता है।

गर्दन दर्द के लिए होम्योपैथी दवाईयाँ

Spondin Drop :- गर्दन के दर्द के लिए यह बहुत ही असरदार दवाई है। अगर आपके गर्दन में किसी भी कारण से दर्द है तो यह दवाई सभी में असरदार है, यदि मांसपेशियों में खिचाव है या गर्दन दर्द के कारण चक्कर भी आता है तो भी यह दवाई बहुत ही असरदार है। इसे पीने के लिए आधे कप गुनगुने पानी में इस ड्रॉप की 20 बून्द डालकर दिन में तीन बार पीना है। इस दवाई को कम से कम एक से दो महीने तक इस्तेमाल करना है। अगर मांसपेशियों में खिचाव के कारण दर्द हो रहा है तो तीन-चार दिन में वह दर्द ठीक हो जायगा।

Arnica mont 30 CH :- अगर माशपेशियों में दर्द बना रहता है तो यह दवाई बहुत ही असरदार है। इसकी दो-दो बून्द दिन में तीन बार पीनी है। अगर आपके गर्दन में दर्द है और आप गर्दन को हिला भी नहीं पा रहे हैं तो यह दवा बहुत ही असरदार है।

Ruta Grav 30 CH :- अर्निका के साथ आपको यह दवाई भी लेनी है, यह दवाई गर्दन के दर्द के लिए बहुत ही असरदार है। अगर आपकी गर्दन की मांसपेशियों में खिचाव महसूस हो रहा है और आप गर्दन हिला भी नहीं पा रहे है तो यह दवाई बहुत ही असरदार है। इसकी भी दो-दो बून्द दिन में तीन बार पीनी है। दोनों दवाइयों के बीच कम से कम 15 मिनट का अंतर रखना है।

Conium Maculatum 30 CH :- यदि गर्दन के दर्द के कारण आपको चक्कर भी आते है तो यह दवाई बहुत ही असरदार है। इसकी दो-दो बून्द दिन में तीन बार लेनी है। जब चक्कर आना बंद हो जाये तो यह दवाई बंद कर देनी है और साथ ही ऊपर लिखी दवाईयाँ आपको दर्द के लिए भी लेनी है।

Reumatone Oil :- अगर आपको बहुत दर्द है और दर्द में तुरंत आराम चाहते है तो यह तेल आपको दर्द वाले हिस्से पर दिन में दो से तीन बार लगाना है। यह दवाई तुरंत ठंडक पहुँचता है और आपको राहत देता है दर्द में। इससे गर्दन का खिचाव ठीक हो जाता है, इसके साथ ऊपर लिखी दवाइयों भी लेनी है। यह तेल हर प्रकार के गर्दन दर्द के लिए असरदार है।