नेट्रम आर्सेनिकम – Natrum Arsenicum Homeopathy

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नेट्रम आर्सेनिकम के लक्षण तथा मुख्य-रोग

( Natrum Arsenicum uses in hindi )

(1) जुकाम में सिर-दर्द के साथ नाक की जड़ में दर्द और गले में नजले का गिरना – नेट्रम आर्सेनिकम नजले की प्रधान दवा है। इसमें सिर-दर्द होता है, नाक से पनीला स्राव बहता है और नाक बन्द हो जाती है, नाक के भीतर गाढ़ा पीला स्राव गले की तरफ गिरता है। नाक की जड़ में दर्द इसका मुख्य-लक्षण है। गले के भीतर पनीला स्राव भी गिरा करता है। नाक में सूखी पपड़ियां जम जाती हैं जिनके छीलने से नाक जख्मी हो जाती है।

(2) गले में घोर लाल और बैंगनी रंगी की सूजन – जैसी डिफ्थीरिया में गले में घोर लाल और बैंगनी रंग की सूजन हो जाती है, कमजोरी हो जाती है, गले में वैसी सूजन हो जाने पर नेट्रम आर्सेनिकम उपयोगी है। इस सूजन में दर्द नहीं होता। एपिस में भी यह लक्षण है, परन्तु इस औषधि के निर्वाचन में मुख्य-लक्षण नाक की जड़ में दर्द होना है।

(3) शक्ति तथा प्रकृति – 6, 30, 200 (औषधि ‘सर्द’-प्रकृति के लिये है)

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